थाणे। पुलिस की बार-बार हिदायतों
के बावजूद मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे उत्तर भारतीयों के खिलाफ बोलने से बाज नहीं आ रहे
हैं। अब उन्होंने मराठी लोगों से कहा है कि वे बाहरी लोगों खासकर उत्तर भारतीयों को
महाराष्ट्र में घुसपैठ करने से रोकें।
उन्होंने कहा कि इन बाहरी लोगों को हमें वोट देने का अधिकार नहीं देना है। पुलिस ने
तीन मई को रैली में दिए गए राज के भाषण को लेकर दो दिन पहले ही उन्हें नोटिस भेजा
है।
शनिवार को यहां मनसे कार्यकर्ताओं की एक रैली को संबोधित करते हुए राज ने कहा कि
हमें आपस में केवल मराठी भाषा में बात करनी चाहिए। उन्होंने इसके लिए दक्षिण
भारतीयों का उदाहरण दिया जो केवल मातृभाषा में ही बात करते हैं। उन्होंने कहा कि
भाषा अपने आप में अस्तित्व का प्रमाण होती है। हमें मराठी होने पर गर्व है। हमें
दूसरों से इसकी रक्षा करनी चाहिए। इसमें किसी को शर्म का अनुभव नहीं होना चाहिए।
राज ने कहा कि बहुत से लोग भड़काऊ भाषण देते हैं कि उन पर कार्रवाई नहीं होती। लेकिन
मेरे खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, हमें इन कार्रवाइयों के आगे झुकना नहीं है और
मातृ भाषा में बात करते रहना है, उसकी रक्षा करते रहना है। राज ठाकरे की इन बातों
का भीड़ ने तालियों से स्वागत किया। ठाकरे ने फिल्म अभिनेता नाना पाटेकर के इस कथित
बयान का स्वागत किया कि बाहरी लोगों को मतदान का अधिकार नहीं दिया जाना चाहिए।