बीजिंग। चीन में आए विनाशकारी भूकंप में मरने वालों की
संख्या बढ़कर 50 हजार तक पहुंचने की आशंका है।
समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने प्रभावित क्षेत्रों में तैनात राहत और बचाव कार्य
अधिकारियों के हवाले से कहा है कि अभी तक 20 हजार के मारे जाने की पुष्टि
हो चुकी है, लेकिन मलबों में कई हजार अभी भी दबे पडे़ हैं ऐसे में मरने
वालों की संख्या 50 हजार तक पहुंच सकती है।
इस बीच प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ जो खुद एक भूगर्भ वैज्ञानिक भी है भूकंप
प्रभावित सिचुआन में व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहकर राहत कार्यो का जायजा ले
रहे हैं। भूकंप से जो क्षेत्र सबसे ज्यादा तबाह हुए हैं उनमें मियानयांग का
वह इलाका भी हैं जहां चीन की मुख्य परमाणु अनुसंधान प्रयोगशाला है। पर यहां
कोई परमाणु संयंत्र नहीं है लिहाजा परमाणु विकिरण जैसे खतरे की कोई बात
नहीं है।
चीन की परमाणु इंजीनियरिंग एंड कंस्ट्रक्शन कार्पोरेशन ने अपनी वेबसाइट में
कहा है कि सिचुआन में उसके कई प्रतिष्ठान नष्ट हुए हैं लेकिन इनसे परमाणु
विकिरण जैसी कोई घटना नहीं हुई है।
इस बीच देश की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ने भूकंप से हुए नुकसान का
जायजा लेने के लिए बुधवार को आपात बैठक बुलाई। इसमें अगस्त में देश में
ओलंपिक खेलों के आयोजन पर भूकंप के बाद की स्थितियों का प्रभाव पड़ने जैसे
अहम मुद्दों पर चर्चा की गई।