झंझारपुर (मधुबनी)। आखिरकार 7 माह बाद इन्द्रदेव के मेहरबान होने से
बुधवार की मध्य रात्रि से गुरुवार सुबह तक तेज हवाओं के बीच वर्षा के बौछारें पड़ी
और प्यासी धरती को तृप्ति मिली। इस वर्षा से मौसम का तेज मिजाज एकदम से निचले स्तर
पर आ गया है। किसानों के चेहरे खिल उठे और वे गुरुवार सुबह हल बैल के साथ अगहनी धान
की फसल के बीचड़े तैयार करने हेतु खेतों की जुताई में लग गये। इस वर्षा से बागों में
लगी आम व लीची के फसल को काफी फायदा हुआ है। वे मौसम लाली पकड़े लीची के गुदा में
वृद्धि होने की संभावना बन गयी है। तेज गर्मी से क्षेत्र के लीची की फसल पर
प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था। नमी के अभाव में लीची ने लाली पकड़ ली थी और फल फट रहे
थे। आम की फसल पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था। नमी के अभाव में इनका गिरना जारी
था। बहरहाल काफी प्रतीक्षा के बाद हुई वर्षा से नीचे जा रहा जलस्तर रूक गया है। ताल,
तलैया, कुआ आदि में जलस्रोत बढ़ा है। जिससे लोगों में हर्ष देखा जा रहा है।