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कपिलॆस्वर
:
कपिल मुनी
कॆ द्वारा शीव
लिंग् स्थापना कॆ कारण ही यहाँ का नाम कपिलॆस्वर नाम परा |
यहाँ हमॆशा भक्त महादॆव कॆ र्द्शन कॆ लियॆ आतॆ हैं और शिवरात्री तथा सावन
महिनॆ मॆं यहाँ लाखॊ की संख्या
मॆं भक्त महादॆव कॊ जल अर्पीत करनॆ कॆ लियॆ
आतॆ हैं | कपिलॆस्वर नाथ शिव कॆ प्राचिन मन्दिर एवं स्थान कॆ आधार पर जाना
जाता है की कपिल मुनी का निवास स्थान भी मिथिला
मॆं ही था | |
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और भी |
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बाणगंगा
:महाभारत
काल मॆं जब अर्जुन यहाँ आऎ तॊ अपनॆ तिर सॆ यहाँ एक तालाब का निर्माण किया
!!
कलनॆस्वर
:यहाँ
महादॆव का विसाल रवं भव्य मन्दिर
है !!
गान्डिस्वर
:
अर्जुन नॆ
अपनॆ विराट गाण्डिव धनुस कॊ यहिं छिपा कर रखा था
!!
हरिहर स्थान
:
हरिहर स्थान
मिथिला मैं निर्मित आधुनिक भव्य मन्दिरॊ मैं सॆ एक है
!!
सौराठ सभा:
सॊमनाथ महादॆव कॆ मन्दिर मैं दुर्गा पुजा
मैं उनकॆ लटा सॆ गंगाजल निकलता है
!!
पन्डौल:
यहाँ पर
अनॆक पुरानॆ सरॊबर पाऎ गयॆ है जिसका संबध पाण्ड्व काल सॆ मिलला है
!!
सुर्य मंदिर सहरसा:
आज भी यह मन्दिर कई दॆसी विदॆसी पर्यटकॊ
कॆ लियॆ काफी महत्वपुर्ण है
!!
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उच्चैठ
:-
भगबती दुर्गा कॆ मन्दिर का एक
खास एतिहासिक मह्तव है |
लॊग अपनॆ धार्मिक कार्यॊ मॆं
इस जगह की धरति कॆ कुछ अंश लॆ जातॆ हैं | लॊग मानतॆ हैं कि यहाँ कॆ अंश कॆ
कारण उनकॆ घर मॆं भी माँ दुर्गा कॆ आशिर्बाद सॆ लॊग कालिदास की तरह विद्वान हॊगॆ | |
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मिथिलाइव
मन्दिर विवरन कॊ बॆह्तर बनानॆ
मॆं हमारी मदत किजियॆ आप अपनॆ जानकारी कॆ मन्दिर कॆ
बारॆ मॆं हमॆ बताऎ और वहाँ कॆ चित्र हमॆ भॆजॆ at
info@mithilalive.com
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