| मिथिला एवं मैथिली के प्रति किछ लोक त जागरुक
छी ई जानि प्रसन्नता होइत अछि। आइ मिथिला के विकसित होइ लेल सबस पहिले अपन
पहचान बनोनाइ जरूरी अछि। मिथिला क्षेत्र में लोक मैथइली बजनाइ अपन पछड़पन के
निशानी बुझइत छथि। मुदा अन्य सब क्षेत्र के लोक पहिले अपन भाषा के विकास तथा
प्रसार पर जोड़ दइत अछि। मिथिलाक अविकास के बात त सब कोइ करइत अछि। परन्तु यदि
अइ अविकास के दूर करबाक अछि त विकास के बात कर पड़त। हम त मिथिला स दूर रहइत
छी। परन्तु जे सब मिथिला में रहइत छथि उनका सभ स इ अनुरोध अछि जे मिथिला तथा
मैथिलिक छोट स छोट विकास के बात इन्टरनेट स प्रसारित करि तथा पूरा विश्व के
मिथिला आबै के न्यौता दी। 

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